📜

History

Bharat aur vishwa ka itihas

❓ 790 Q&A
📰 Current Affairs 🌍 Geography 🔬 Science 💰 Economy ⚖️ Polity 📜 History 🏆 Sports 💻 Technology
Showing 1–10 of 790 Q&A
Q 01
भारत को आज़ादी कब मिली?
ANSWER
15 अगस्त 1947
15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की। यह संघर्ष लगभग 200 वर्षों तक चला जिसमें लाखों देशभक्तों ने अपना बलिदान दिया। महात्मा गांधी के नेतृत्व में अहिंसक आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस की आज़ाद हिंद फौज ने इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत छोड़ो आंदोलन (1942), असहयोग आंदोलन (1920), और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) जैसे बड़े आंदोलनों ने अंग्रेज़ों की नींव हिला दी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटेन कमज़ोर हो चुका था और भारत में बढ़ते विद्रोह को संभालना उसके लिए संभव नहीं रहा। अंततः माउंटबेटन योजना के तहत भारत और पाकिस्तान दो अलग देश बनाए गए। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को लाल किले पर भाषण देकर स्वतंत्र भारत का स्वागत किया। यह दिन भारत के इतिहास का सबसे गौरवशाली दिन माना जाता है।
Q 02
महात्मा गांधी ने दांडी मार्च क्यों किया?
ANSWER
नमक कानून तोड़ने के लिए
दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सबसे ऐतिहासिक घटनाओं में से एक है। 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से 78 अनुयायियों के साथ यह यात्रा शुरू की। 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुँचकर उन्होंने समुद्र तट से नमक उठाकर ब्रिटिश नमक कानून को तोड़ा। अंग्रेज़ी सरकार ने नमक पर एकाधिकार रखा था और भारतीयों को खुद नमक बनाने पर प्रतिबंध था। यह कानून आम जनता के जीवन को सीधे प्रभावित करता था क्योंकि नमक हर घर की ज़रूरत है। गांधी जी की इस यात्रा ने पूरे देश में सविनय अवज्ञा आंदोलन की लहर पैदा कर दी। हज़ारों लोग जेल गए और महिलाओं ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मार्च ने विश्व भर में ब्रिटिश शासन की आलोचना करवाई और भारत की स्वतंत्रता की माँग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया। इसे सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है।
Q 03
जलियाँवाला बाग हत्याकांड कब और कहाँ हुआ?
ANSWER
13 अप्रैल 1919 अमृतसर
जलियाँवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है। 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियाँवाला बाग में हज़ारों निर्दोष लोग एकत्रित हुए थे। रोलेट एक्ट के विरोध में और दो नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण सभा चल रही थी। ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर ने बिना किसी चेतावनी के सैनिकों को गोली चलाने का आदेश दिया। बाग के चारों ओर ऊँची दीवारें थीं और केवल एक संकरा रास्ता था जिसे सैनिकों ने बंद कर दिया था। लगभग 10 मिनट में 1650 राउंड गोलियाँ चलाई गईं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार 379 लोग मारे गए लेकिन वास्तविक संख्या कहीं अधिक थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा की। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसके विरोध में नाइटहुड की उपाधि वापस कर दी। इस हत्याकांड ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा और तीव्रता दी।
Q 04
1857 का विद्रोह क्यों हुआ?
ANSWER
अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध सिपाहियों का विद्रोह
1857 का विद्रोह भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहलाता है। इसकी तात्कालिक वजह एनफील्ड राइफल के कारतूसों पर गाय और सूअर की चर्बी लगी होने की अफवाह थी जो हिंदू और मुस्लिम दोनों सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती थी। 10 मई 1857 को मेरठ में सिपाहियों ने विद्रोह शुरू किया और दिल्ली पहुँचकर बहादुर शाह ज़फर को नेता घोषित किया। झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे और कुँवर सिंह इस विद्रोह के प्रमुख नायक बने। इस विद्रोह के गहरे कारण थे जैसे ब्रिटिश आर्थिक शोषण, किसानों पर अत्यधिक कर और धर्म में हस्तक्षेप का डर। हालाँकि यह विद्रोह असफल रहा क्योंकि देश में एकता का अभाव था और अंग्रेज़ी सेना आधुनिक हथियारों से सुसज्जित थी। इस विद्रोह के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ और भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया। यह विद्रोह भले ही असफल रहा लेकिन इसने भावी स्वतंत्रता आंदोलन की नींव रखी।
Q 05
मौर्य साम्राज्य के सबसे महान राजा कौन थे?
ANSWER
सम्राट अशोक
सम्राट अशोक मौर्य वंश के तीसरे शासक थे और भारतीय इतिहास के सबसे महान राजाओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया। उनके राज्य में अफगानिस्तान से लेकर बंगाल और कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक का विशाल भूभाग शामिल था। 261 ईसा पूर्व में कलिंग युद्ध के भयंकर नरसंहार को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ। उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और अहिंसा तथा धम्म का प्रचार शुरू किया। अशोक ने पूरे साम्राज्य में शिलालेख और स्तंभ लगवाए जिन पर नैतिक शिक्षाएँ अंकित थीं। उनके शासनकाल में बौद्ध धर्म श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य एशिया तक फैला। सारनाथ में स्थित उनके सिंह स्तंभ को भारत के राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में अपनाया गया है। धम्म के प्रचार के लिए उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा। अशोक का शासन मानवता और करुणा का अद्वितीय उदाहरण है।
Q 06
गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है?
ANSWER
विज्ञान कला और साहित्य का अभूतपूर्व विकास
गुप्त काल (320 ईस्वी से 550 ईस्वी) को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दौर में हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति हुई। गणित में आर्यभट्ट ने शून्य की अवधारणा दी और पृथ्वी के गोल होने तथा सूर्य के चारों ओर घूमने की बात कही। खगोलशास्त्र में वराहमिहिर ने ग्रहों की गति का अध्ययन किया। साहित्य में कालिदास ने मेघदूत, अभिज्ञानशाकुंतलम और रघुवंश जैसी अमर रचनाएँ लिखीं। मंदिर निर्माण कला का विकास हुआ और अजंता-एलोरा जैसी गुफाओं में चित्रकला अपने शिखर पर पहुँची। व्यापार और वाणिज्य में भी इस काल में अभूतपूर्व समृद्धि आई। धार्मिक सहिष्णुता थी और हिंदू, बौद्ध तथा जैन धर्म साथ फले-फूले। इस काल में जनता सुखी और संपन्न थी और शासन व्यवस्था कुशल थी। चिकित्सा में आयुर्वेद ने नई ऊँचाइयाँ छूईं। इसीलिए इसे भारतीय सभ्यता का स्वर्ण युग कहा जाता है।
Q 07
ताजमहल का निर्माण क्यों और किसने करवाया?
ANSWER
शाहजहाँ ने मुमताज महल की याद में
ताजमहल भारत की सबसे प्रसिद्ध इमारत है और इसे विश्व के सात अजूबों में शामिल किया गया है। मुगल बादशाह शाहजहाँ ने इसे अपनी प्रिय बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। मुमताज महल की मृत्यु 1631 में अपने 14वें बच्चे को जन्म देते समय हो गई थी। शाहजहाँ उनकी मौत से इतने टूट गए कि उन्होंने उनकी स्मृति में एक अद्वितीय मकबरा बनाने का निर्णय लिया। ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ और 1653 में पूरा हुआ। इसे बनाने में लगभग 22 वर्ष लगे और 20000 से अधिक कारीगरों ने काम किया। मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी थे। सफेद संगमरमर राजस्थान के मकराना से लाया गया था और अन्य बहुमूल्य पत्थर विभिन्न देशों से मँगवाए गए थे। यमुना नदी के किनारे स्थित यह इमारत प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च प्रतीक है। यूनेस्को ने 1983 में इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक इसे देखने आते हैं।
Q 08
अकबर की धार्मिक नीति क्या थी?
ANSWER
सुलह-ए-कुल (सबके साथ शांति)
मुगल सम्राट अकबर (1556-1605) अपनी उदार और समन्वयवादी धार्मिक नीति के लिए इतिहास में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 'सुलह-ए-कुल' यानी सार्वभौमिक शांति का सिद्धांत अपनाया। अकबर ने हिंदुओं पर लगा जजिया कर समाप्त किया और तीर्थयात्रा कर भी हटाया। उन्होंने राजपूत राजकुमारियों से विवाह किए और राजपूत सरदारों को उच्च पदों पर नियुक्त किया। 1575 में उन्होंने फतेहपुर सीकरी में इबादतखाना बनवाया जहाँ सभी धर्मों के विद्वान धार्मिक चर्चा करते थे। 1582 में उन्होंने 'दीन-ए-इलाही' नामक एक नए पंथ की स्थापना की जिसमें सभी धर्मों के अच्छे तत्वों को मिलाया गया था। बीरबल और अबुल फजल जैसे हिंदू और मुस्लिम दोनों विद्वान उनके नवरत्नों में थे। उनकी यह नीति साम्राज्य की एकता और स्थिरता के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई। अकबर ने यह सिद्ध किया कि एक शासक सभी धर्मों का सम्मान करके भी एक विशाल साम्राज्य सफलतापूर्वक चला सकता है।
Q 09
शिवाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य कैसे स्थापित किया?
ANSWER
मुगलों और बीजापुर सल्तनत से लड़कर
छत्रपति शिवाजी महाराज (1630-1680) मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा थे। उनके पिता शाहजी भोंसले बीजापुर सल्तनत में सेनापति थे। बचपन से ही शिवाजी ने माँ जीजाबाई से स्वराज की प्रेरणा ली। उन्होंने मात्र 16 वर्ष की आयु में पुणे के पास तोरणा किला जीतकर अपना अभियान शुरू किया। उनकी युद्धनीति गुरिल्ला युद्ध पर आधारित थी जो पहाड़ी इलाकों में बहुत कारगर थी। 1659 में उन्होंने अफजल खान को मारकर बीजापुर की सेना को परास्त किया। 1674 में रायगढ़ में उनका भव्य राज्याभिषेक हुआ और वे 'छत्रपति' कहलाए। उन्होंने एक सशक्त नौसेना बनाई जो भारत की पहली संगठित नौसेना थी। उनके प्रशासन में किसानों और प्रजा का विशेष ध्यान रखा जाता था। अष्टप्रधान मंत्रिपरिषद के माध्यम से कुशल शासन चलाया। शिवाजी का जीवन आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Q 10
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब और क्यों हुई?
ANSWER
1885 में राजनीतिक मंच बनाने के लिए
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बॉम्बे में हुई। इसकी स्थापना में सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम की मुख्य भूमिका थी। पहले अधिवेशन में 72 प्रतिनिधि शामिल हुए और व्योमेशचंद्र बनर्जी इसके प्रथम अध्यक्ष बने। शुरुआत में कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन के भीतर सुधारों की माँग की। बाल गंगाधर तिलक जैसे नेताओं ने बाद में स्वराज की माँग को प्रमुखता दी। 1907 में सूरत अधिवेशन में कांग्रेस नरम दल और गरम दल में बँट गई। 1920 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक जन आंदोलन बन गई। 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास हुआ। कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया। स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस देश की सबसे प्रमुख राजनीतिक पार्टी बनी और कई दशकों तक देश का शासन चलाया।
Page 1 of 79 (10 per page)